
Quote no 189
- Mukta Kapur
- Dec 23, 2025
- 1 min read
फ़िक्रों से ना बढ़ाए जान पहचान ; बने रहें अनजान; नहीं तो भोगने पड़ेंगे अंजाम । फ़ालतू में क्यों डालें आफ़त में जान ।
Mukta Kapur
Mukta Kapur a Story Teller, Poet and Lifestyle Blogger

फ़िक्रों से ना बढ़ाए जान पहचान ; बने रहें अनजान; नहीं तो भोगने पड़ेंगे अंजाम । फ़ालतू में क्यों डालें आफ़त में जान ।
Mukta Kapur
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