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Quote no 192

7 hours ago
1 min read

यह जो कहते हैं हम केवल तुम्हारे हैं;

यह ना जाने कितनों पे दिल हारे हैं ।

क़ुसूर उनका नहीं ; आपका है जनाब

वो तो हमेशा से ही दिल फेंक मिजाज़ के थे ।

पर आप कबसे फेंकी हुई चीज़ें उठाने लगे और उसे अपना मानने लगे।

Mukta Kapur

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