Quote no 192
यह जो कहते हैं हम केवल तुम्हारे हैं;
यह ना जाने कितनों पे दिल हारे हैं ।
क़ुसूर उनका नहीं ; आपका है जनाब
वो तो हमेशा से ही दिल फेंक मिजाज़ के थे ।
पर आप कबसे फेंकी हुई चीज़ें उठाने लगे और उसे अपना मानने लगे।
Mukta Kapur
Mukta Kapur a Story Teller, Poet and Lifestyle Blogger
यह जो कहते हैं हम केवल तुम्हारे हैं;
यह ना जाने कितनों पे दिल हारे हैं ।
क़ुसूर उनका नहीं ; आपका है जनाब
वो तो हमेशा से ही दिल फेंक मिजाज़ के थे ।
पर आप कबसे फेंकी हुई चीज़ें उठाने लगे और उसे अपना मानने लगे।
Mukta Kapur
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